Sunday, July 10, 2011

विश्व की महान क्लासिक कृतियों का संक्षिप्त हिंदी रूपांतर


गत कुछ वर्षों में विश्व की गिनी-चुनी महान क्लासिक कृतियों का देवेन्द्र कुमार एवं रमेश तैलंग द्वारा किशोरों के लिए किया गया संक्षिप हिंदी रूपांतर बच्चों की प्रिय मासिक पत्रिका "बाल भारती" में धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुआ था. उसके पश्चात यह रूपांतर दो पुस्तकों के रूप में कृमशः -अमर विश्व किशोर कथाएं -प्रकाशक ए.आर.पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, दिल्ली तथा विश्व प्रसिद्ध किशोर कथाएं ओरिएंट क्राफ्टपब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, दिल्ली से मुद्रित हो कर भी आया. अब इसका डिजिटल टेक्स्ट रूप मेरे दो ब्लोगों कृमशः : nanikichiththiyan.blogspot.com और vishwabalsahitya.wordpress.com पर भी जिज्ञासु पाठकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है. आशा है आप सब इसे पसंद करेंगे और अपनी प्रतिक्रिया से हमें जरूर अवगत कराएँगे. हमारा मेल आई.डी. है: rtailang@gmail.com, devendrakumar123@hotmail.com

इस श्रंखला में सबसे पहली कृति हाईडी है. बस जरा-सी प्रतीक्षा करें.

रमेश तैलंग.

image courtesy: google search

2 comments:

  1. Hi, I have been visiting your blog. ¡Congratulations for your work! I invite you to visit my blog about literature, philosophy and films:
    http://alvarogomezcastro.over-blog.es

    Greetings from Santa Marta, Colombia

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  2. Dear Mr Castro,

    I am privileged to see your blog (of course with translation in English)and find it quite interesting. To be frank, I am literally zero in spanish and thanks to google translation facility I am able to read your expressions. Mr Castro, could it be possible for you to apprise me of your views about the status of children's literature and children's cinema in your country. In India, both have not yet made a mark till now, more especially in the field of children's cinema. However, if you spare a few minutes for me and update me with such knowledge I shall be indeed grateful. Shall be in contact with you through your blog. warm regards. r.t.

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